इलाहाबाद हाईकोर्ट में डाली गई आजम खान की याचिका खारिज हुई
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता माने जाने वाले आजम खान हमेशा ही किसी न किसी वजह से चर्चाओं में रहते हैं। कुछ दिनों पहले ही वह बीजेपी सांसद रामादेवी पर एक अभद्र टिप्पणी करके चर्चा में आए थे। जिसके बाद उन्हें लोकसभा सदन में माफी भी मांगनी पड़ी थी। इस समय आजम खान के जौहर अली विश्वविद्यालय पर उत्तर प्रदेश सरकार की तलवार लटकी हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार के जौहर अली विश्वविद्यालय के गेट गिराए जाने को लेकर आजम खान ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। मगर आजम खान की याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाई कोर्ट ने इस मामले पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। वही आजम खान पर लगाए गए जुर्माने को लेकर हाई कोर्ट ने जिला जज के सामने अपील करने की छूट दी है।
इन मामलों में आजम खान ने दायर की थी याचिका
दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका जौहर अली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार द्वारा दायर की गई थी। दरअसल 25 जुलाई को रामपुर के एसडीएम ने एक आदेश देते हुए कहा था कि आजम खान के जौहर अली विश्वविद्यालय पर विद्यालय पर तीन करोड़ 27 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाए। साथ ही उन्होंने 15 दिनों के अंदर जौहर अली विश्वविद्यालय के मुख्य गेट को भी तोड़ने का आदेश दिया था। जिसके बाद जौहर अली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति एम एस ने सुनवाई करते हुए इस मामले पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। आजम खान पर किसानों की जमीन हथियाने का आरोप है।
भू माफिया घोषित हो चुके हैं आजम खान
एक तरफ आजम खान की याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट से खारिज हो चुकी है तो वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश सरकार ने आजम खान को भूमाफिया घोषित कर दिया है। क्योंकि आजम खान पर 27 किसानों के जमीन को हड़पने का आरोप है। वही उन पर अपने आसपास के पड़ोसियों को भी डरा धमका कर उनकी जमीन हड़पने के आरोप लगते आए हैं।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



